Monday, July 19, 2010
17 जुलाई 2010 ग्राम पंचायत दूगो विकास खण्ड वजीरगंज में स्वच्छता गोष्ठी का आयोजन खण्ड विकास अधिकारी भीम जी उपाध्याय की अध्यक्षता में किया गया है
गोष्ठी में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि शुष्क शौचालय समाज के लिये एक अभिशाप है और मैला ढोने की प्रथा सामाजिक समरसता पर कुठाराघात है इसे समाप्त करने पर ही देश एवं समाज का विकास सम्भव है।
संचालन कर रहे स0वि0अ0 पं0 शशिकान्त द्वारा ग्राम में संचालित 135 शुष्क शौचालयो को बन्द कराते हुये उन्हे जल प्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित करने हेतु 21 लाभार्थियों को एक हजार रूपय का चैक खण्ड विकास अधिकारी से वितरित कराये
सचिव सतीश चन्द्र मिश्रा व प्रधान नासिर खॉ द्वारा 15 दिन में समस्त शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों
में परिवर्तित कराने का आश्वासन दिया।
भिन्दुलिया प्लासी
आज दिनांक 16.07.2010 को मै ग्राम पंचायत
भिन्दुलिया प्लासी में पहुचा जिसकी सूचना ग्रामवासियों को दी गई। और एक गोष्ठी के रूप में प्रधान जी श्रीमती शीला देवी की चौपाल पर आयोजित की जिसमें शुष्क शौचालय लाभार्थी ग्रामवासी एवं मैला ढोने वाली कर्मी भी उपस्थिति रही जिसको विस्तार शुष्क शौचालय की हानियों के गारे में बताया मेरे साथ सहायक विकास अधिकारी पंचायत श्री रामपाल सिंह भी मौजूद रहे। उसके बाद हम सभी ने गांव का भ्रमण किया तथा शुष्क शौचालयों की फोटो व मैला ढोने वाली महिलाओं की फोटो खीचीं, और असका प्रभाव यह हुआ कि गांव में तुरन्त गडढा खुदना शुरू हो गया, जिसके अर्न्तगत सबसे पहले गडढा रामनिवास ने खोदना शुरू किया।
और यह आश्वासन दिया कि कल 17.07.2010 को शौचालय निर्माण हेतु धनराशि/निर्माण साम्रगी आपको मिल जायेगी। भ्रमण कार्यक्रम को प्रेषित करने वालो को बहुत बहुत धन्यवाद।
आज दिनांक 17.07.2010
की सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के अर्न्तगत शुष्क शौचालयों को ध्वस्त कर जल प्रवाहित शौचालयों में परिवर्तिति करने हेतु प्रधान श्रीमती नन्हीं वेंगम सकरी जंगल की अध्यक्षता में प्रा0पा0 सेरी जंगल पर गोष्ठी आयोजित की गई।
श्री के0पी0 वर्मा स0वि0अ0 पं0 के ग्राम वासियों को शुष्क शौचालय से क्या क्या नुकसान एवं जल प्रवाहित शौचालय परिवर्तिति होने में क्या क्या फायदा है, विस्तार से बताया तथा तकनीकी मार्ग दर्शन कराया।
श्री मुहम्मद फाजिल प्रेरक ने सभी को शुष्क शौचालय समाप्त कर जल प्रवाहित शौचालयों को बनवाने हेतु सभी को बताया।
श्री शमशाद, पप्पू, कमशाद, रहीश मोहम्मद, समीर अहमद, इरफान, मुख्तरी, कमालउददीन, कल्लू, सत्यवीर आदि लाभार्थियों से शौचालय पूर्ण कर लिए है इनकी प्रधान द्वारा चैक एवं नकद धनराशि 1000.00 वितरित की। लाभार्थियों द्वारा बताया गया कि हम सब शुष्क शौचालय ध्वस्त कर जल प्रवाहित शौचालयों का संकल्प लेते है कि हम इस क़त्य कार्य को शीघ्र ही पूर्ण करेगे।
गोष्ठी में सभी को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही कार्य पूर्ण कर लेगे।
गोष्ठी में श्रीमती मिथलेश कुमारी प्र0अ0 गाजी प्रिन्स स0अ0 ममता रानी व निहालउददीन शिक्षामित्र तथा ओमवती ए0एन0एम0 ने भी विचार व्यक्त किये।
श्री के0पी0 वर्मा स0वि0अ0 पं0 के ग्राम वासियों को शुष्क शौचालय से क्या क्या नुकसान एवं जल प्रवाहित शौचालय परिवर्तिति होने में क्या क्या फायदा है, विस्तार से बताया तथा तकनीकी मार्ग दर्शन कराया।
श्री मुहम्मद फाजिल प्रेरक ने सभी को शुष्क शौचालय समाप्त कर जल प्रवाहित शौचालयों को बनवाने हेतु सभी को बताया।
श्री शमशाद, पप्पू, कमशाद, रहीश मोहम्मद, समीर अहमद, इरफान, मुख्तरी, कमालउददीन, कल्लू, सत्यवीर आदि लाभार्थियों से शौचालय पूर्ण कर लिए है इनकी प्रधान द्वारा चैक एवं नकद धनराशि 1000.00 वितरित की। लाभार्थियों द्वारा बताया गया कि हम सब शुष्क शौचालय ध्वस्त कर जल प्रवाहित शौचालयों का संकल्प लेते है कि हम इस क़त्य कार्य को शीघ्र ही पूर्ण करेगे।
गोष्ठी में सभी को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही कार्य पूर्ण कर लेगे।
गोष्ठी में श्रीमती मिथलेश कुमारी प्र0अ0 गाजी प्रिन्स स0अ0 ममता रानी व निहालउददीन शिक्षामित्र तथा ओमवती ए0एन0एम0 ने भी विचार व्यक्त किये।
Sunday, July 18, 2010
17 जुलाई 2010
दिनांक 17 जुलाई 2010 को खण्ड विकास अधिकारी जगत श्री प्रभु दयाल द्वारा ग्राम पंचायत खेडा बुजुर्ग में 25 लाभार्थियों को एक एक हजार रूपये का चैक शौचालय निर्माण हेतु लाभार्थियों को दिया। चैक वितरण के बाद ग्राम पंचायत में एक स्वच्छता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए खण्ड विकास अधिकारी श्री प्रभु दयाल ने ग्रामवासियों का आहवान किया कि गांव में उपलब्ध सभी शुष्क शौचालयों को एक माह में जल प्रवाहित शौचालयों में बदल दिया जाय। इन्होने लोगों को बताया कि शुष्क शौचालयों से कई प्रकार की बीमारियॉ होती है जिस पर गरीबों का काफी पैसा ईलाज में खर्च हो जाता है।
शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों में परिवर्तित कर इन बीमारियों से निजात पायी जा सकती है। 25 लाभार्थियों को चैक वितरित किये जाने के बाद अब तक 40 लाभार्थियों को चैक वितरित किया जा चुका है जिनमें से 05 लोगों द्वारा निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। ग्राम में कुल 80 लाभार्थियों द्वारा गडढे खोदे जा चुके है। इस अवसर पर जिला परियोजना समन्वयक श्री रविशंकर शर्मा, सहायक विकास अधिकारी पं0 जगत श्री सुभाष चन्द्र, ग्राम पंचायत अधिकारी श्री नवीन शर्मा तथा प्रेरक उपस्थित थे।
Saturday, July 17, 2010
9 जुलाई 2010
दिनांक 9 जुलाई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता मे सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अर्न्तगत पंचायती राज; ग्राम्य विकास; बेसिक शिक्षा; महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्य विभाग के सभी जिला एवं विकास खण्ड स्तयरीय अधिकारियों की एक कार्यशाला का
आयोजन विकास भवन के सभागार मे किया गया। उक्त कार्यशाला मे जिलाधिकारी श्री अमित गुप्ता के अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी श्री चन्द्रकान्त; अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री उदय राज; मुख्य चिकित्साधिकारी श्री आर0एन0 हरित;अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री मनोज कुमार;

श्री; बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री ओ0पी0राय ; जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री संदीप कुमार सिंह ;जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय शर्मा श्री; सहित सभी नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी सामिल हुए। कार्यशाला मे लोगों को सम्बोधित करते हुए

जिलाधिकारी श्री अमित गुप्ता ने कहा कि जिस समय उन्होने जनपद मे योगदान किया उस समय लोग कह रहे थे कि बदायू एक गन्दा जनपद है लेकिन उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान इस प्रकार की कोई बात नजर नही आ रही थी लेकिन जब उनके द्वारा ग्राम रमजानपुर का भ्रमण किया गया तब उन्हे पता चला कि लोग बदायू को गन्दा क्यों कहते हैं।

जब उन्होने रमजानपुर गांव मे उठाउ शौचालयों को देखा तो वे हतप्रभ रह गये। उन्हे विश्वास नही हो रहा था कि बदायू के ग्रामीण क्षेत्रों मे मध्य युगीन सभ्यता के अवशेष अब भी जीवित है यह देखकर उन्हे बहुत कष्ट हुआ और उन्होने इस

मध्ययुगीन परम्पीरा को समाप्त करने का संकल्प लिया है। उसी के तहत आज की कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होने सभी उपस्थित अधिकारियों का आहवान किया कि वे इसे शासकीय न समझ कर एक सामाजिक कार्य समझे और अपनी संतुष्टि के लिये प्रयास करे।

जिलाधिकारी महोदय ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि वे अपने विभाग मै तैनात शिक्षकों को भी प्रेरित करे कि जिनके घरों मे शुष्क शौचालय है वे न केवल अपने शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित करे बल्कि आस पास के लोगों को भी इस कार्य के लिये प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने नेहरू युवा केन्द्रो के जिला समन्वयक से कहा कि उनके स्वयं सेवक जो गावों मे तैनात है

उन्हे प्रेरक के रूप मे तैनात करने की कार्यवाही करें। इस पर नेहरू युवा केन्द्र के समन्वयक श्री यादव ने बताया कि उनके संगठन के तीन से चार युवा हर विकास खण्ड मे हैं। इन युवाओं को खण्ड स्तरीय प्रेरक के रूप मे प्रयोग किया जा सकता है। जिलाधिकारी महोदय ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे खण्ड स्तर पर उपलब्ध नेहरू युवा केन्द्र के युवाओं को खण्ड स्तरीय प्रेरक के रूप मे चयन कर उनका प्रशिक्षण कराकर अभियान मे लगायें।

जिलाधिकारी महोदय ने चिकित्सा विभाग के उपस्थिति मुख्य चिकित्साधिकारी और अन्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे चयनित ग्रामों मे नियमित टीकाकरण कराये; स्वास्य्य कैंपों का आयोजन करें; स्कूलों मे बच्चों का स्वास्य्र परीक्षण कराये तथा ग्राम निधि मे भेजे जाने वाले वीस हजार रूपयों का ग्राम की सफाई मे प्रयोग करें। कार्यशाला मे बोलते हुए श्री गुप्ता ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये कि चयनित ग्रामों

मे वांछित धनराशि तत्काल भिजवायें तथा प्रेरकों का मानदेय भुगतान मे देरी कदापि न की जाय। जैसे जैसे प्रस्ताव प्राप्त हो रहे है उनकी धनराशि तत्काल भिजवा दी जाय।जिलाधिकारी महोदय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि वे ग्राम प्रधानों ग्राम पंचायत सचिवों तथा प्रेरकों की कार्यशाला तत्काल आयोजित कर ले।

जलनिगम को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि चयनित ग्रामों मे जो हैण्ड पम्प स्थाई रूप से खराब है उन्हे तत्काल रीबोर करा दिया जाय तथा प्रत्येक हैण्डपम्प के पास आवश्य कतानुसार सोख्ता गढढा बनवाया जाय। जिला विकास अधकारी को निर्देशित करते हुए

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अस्वच्छ पेशे मे लगे लोगों के पुर्नवास की तत्काल व्यवस्थात की जाय; उनके बच्चों के विशेष छात्रव़ति दिलाई जाय तथा जो लोग पात्र है उन्हे अन्योत्दय तथा वी पी एल के कार्ड वनवाये जायं तथा पात्रता के अनुसार पेशन भी दिलवाई जाय।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री चन्द्रकान्त ने कार्याशाला मे उपस्थित अधिकारियों से आहवान किया कि इस अभियान मे मिशनरी जील से जुडे;

कम समय मे लक्ष्य पूरा करे तथा नियमित मानीटरिंग करें। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सभी को अपना लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसके अनुरूप प्रयास करने की सलाह दी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री उदय राज ने लोगों को प्रेरित कर इस

अभियान मे जोडने की सलाह दी। कार्यशाला को बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री ओ0पी0राय मुख्य चिकित्साधिकारी नेहरू युवा केन्द्र् के जिला समन्वायक ने भी सम्बोधित किया।
दिनांक 9 जुलाई को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता मे सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अर्न्तगत पंचायती राज; ग्राम्य विकास; बेसिक शिक्षा; महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्य विभाग के सभी जिला एवं विकास खण्ड स्तयरीय अधिकारियों की एक कार्यशाला का
श्री; बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री ओ0पी0राय ; जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री संदीप कुमार सिंह ;जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय शर्मा श्री; सहित सभी नगरपालिकाओं के अधिशासी अधिकारी सामिल हुए। कार्यशाला मे लोगों को सम्बोधित करते हुए
जिलाधिकारी श्री अमित गुप्ता ने कहा कि जिस समय उन्होने जनपद मे योगदान किया उस समय लोग कह रहे थे कि बदायू एक गन्दा जनपद है लेकिन उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान इस प्रकार की कोई बात नजर नही आ रही थी लेकिन जब उनके द्वारा ग्राम रमजानपुर का भ्रमण किया गया तब उन्हे पता चला कि लोग बदायू को गन्दा क्यों कहते हैं।
जब उन्होने रमजानपुर गांव मे उठाउ शौचालयों को देखा तो वे हतप्रभ रह गये। उन्हे विश्वास नही हो रहा था कि बदायू के ग्रामीण क्षेत्रों मे मध्य युगीन सभ्यता के अवशेष अब भी जीवित है यह देखकर उन्हे बहुत कष्ट हुआ और उन्होने इस
मध्ययुगीन परम्पीरा को समाप्त करने का संकल्प लिया है। उसी के तहत आज की कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होने सभी उपस्थित अधिकारियों का आहवान किया कि वे इसे शासकीय न समझ कर एक सामाजिक कार्य समझे और अपनी संतुष्टि के लिये प्रयास करे।
जिलाधिकारी महोदय ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि वे अपने विभाग मै तैनात शिक्षकों को भी प्रेरित करे कि जिनके घरों मे शुष्क शौचालय है वे न केवल अपने शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित करे बल्कि आस पास के लोगों को भी इस कार्य के लिये प्रेरित करें। जिलाधिकारी ने नेहरू युवा केन्द्रो के जिला समन्वयक से कहा कि उनके स्वयं सेवक जो गावों मे तैनात है
उन्हे प्रेरक के रूप मे तैनात करने की कार्यवाही करें। इस पर नेहरू युवा केन्द्र के समन्वयक श्री यादव ने बताया कि उनके संगठन के तीन से चार युवा हर विकास खण्ड मे हैं। इन युवाओं को खण्ड स्तरीय प्रेरक के रूप मे प्रयोग किया जा सकता है। जिलाधिकारी महोदय ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे खण्ड स्तर पर उपलब्ध नेहरू युवा केन्द्र के युवाओं को खण्ड स्तरीय प्रेरक के रूप मे चयन कर उनका प्रशिक्षण कराकर अभियान मे लगायें।
जिलाधिकारी महोदय ने चिकित्सा विभाग के उपस्थिति मुख्य चिकित्साधिकारी और अन्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि वे चयनित ग्रामों मे नियमित टीकाकरण कराये; स्वास्य्य कैंपों का आयोजन करें; स्कूलों मे बच्चों का स्वास्य्र परीक्षण कराये तथा ग्राम निधि मे भेजे जाने वाले वीस हजार रूपयों का ग्राम की सफाई मे प्रयोग करें। कार्यशाला मे बोलते हुए श्री गुप्ता ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिये कि चयनित ग्रामों
मे वांछित धनराशि तत्काल भिजवायें तथा प्रेरकों का मानदेय भुगतान मे देरी कदापि न की जाय। जैसे जैसे प्रस्ताव प्राप्त हो रहे है उनकी धनराशि तत्काल भिजवा दी जाय।जिलाधिकारी महोदय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि वे ग्राम प्रधानों ग्राम पंचायत सचिवों तथा प्रेरकों की कार्यशाला तत्काल आयोजित कर ले।
जलनिगम को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि चयनित ग्रामों मे जो हैण्ड पम्प स्थाई रूप से खराब है उन्हे तत्काल रीबोर करा दिया जाय तथा प्रत्येक हैण्डपम्प के पास आवश्य कतानुसार सोख्ता गढढा बनवाया जाय। जिला विकास अधकारी को निर्देशित करते हुए
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि अस्वच्छ पेशे मे लगे लोगों के पुर्नवास की तत्काल व्यवस्थात की जाय; उनके बच्चों के विशेष छात्रव़ति दिलाई जाय तथा जो लोग पात्र है उन्हे अन्योत्दय तथा वी पी एल के कार्ड वनवाये जायं तथा पात्रता के अनुसार पेशन भी दिलवाई जाय।
इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री चन्द्रकान्त ने कार्याशाला मे उपस्थित अधिकारियों से आहवान किया कि इस अभियान मे मिशनरी जील से जुडे;
कम समय मे लक्ष्य पूरा करे तथा नियमित मानीटरिंग करें। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने सभी को अपना लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसके अनुरूप प्रयास करने की सलाह दी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री उदय राज ने लोगों को प्रेरित कर इस
अभियान मे जोडने की सलाह दी। कार्यशाला को बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री ओ0पी0राय मुख्य चिकित्साधिकारी नेहरू युवा केन्द्र् के जिला समन्वायक ने भी सम्बोधित किया।
Friday, July 16, 2010
बदायूं पंचायत राज विभाग के तत्वाधान में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत प्रेरको की एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका
शुभारम्भ श्री संजीव कुमार समाज कल्याण अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला के शुभारम्भ के अवसर पर श्री संजीव कुमार ने कहा कि शुष्क शौचालयो की समस्या जनपद की वडी गम्भीर एवं घातक समस्या है क्योकि खुले में शौच करने वाला व्यक्ति गॉव से दूर जाकर मल त्याग करता है जबकि शुष्क शौचालय प्रयोग करने वाला व्यक्ति अपने घर में ही मल त्याग करता है

उसके नजदीक ही खाना बनाने एवं खाने वाला स्थान होता है जिसके लिये हमें प्राथमिकता पर शुष्क शौचालयों के स्थान पर जलप्रवाहित शौचालय बनाना प्राथमिकता है वही मैला ढोने वाले व्यक्ति का पुनर्वास करना भी उतना ही महत्वपूण

एवं आवश्यक है जिसके लिये हम सहयोग करने के लिये तैयार है जो व्यक्ति मैला उठाना बन्द करेगें यदि वह साठ वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके है

तथा बी0पी0एल0 सूची मे उनका नाम तो उन्हे प्राथमिकता पर पेंशन दी जायेगी उन्होने अनुभवों को बताते हुये कहा कि जिन स्थानो पर पानी की कमी हो वहा कम पानी वाला शौचालय सीट प्रयोग किया जाये।

जिला पंचायत राज अधिकारी आर0एस0चौधरी ने प्रतिभागियो की प्रेरण क्षमता बढाने हेतु पॉच बिन्दुओ पर विस्तर से प्रकाश डाला उन्होने कहा कि यदि प्रेरक इन 04 बिन्दुओ को अपनाते है तो उन्हे शुष्क शौचालय तुडवाकर जलप्रवाहित शौचालय बनाने म
ें
महती सफलता मिलेगी उन्होने कहा कि किससे बात करनी है कब बात करनी है क्या बात करनी है और कैसे बात करनी है जिस पर प्रतिभागियों से सहभागी प्रक्रिया के तहत विचारो एवं अनुभवों का अदान प्रदान भी किया उन्होने प्रेरको का आहवान किया कि यदि वह पूरी तन्मयता से कार्य कर अभियान में सहयोग करेगें तो जब भी किसी प्रकार समस्या आये तुरन्त सूचित करे खुद को अकेला न समझे अभियान किसी व्यक्ति या विभाग का नही सामूहिक आन्दोलन है।
जिला परियोजना समन्वयक रविशंकर शर्मा प्रेरको को प्रशिक्षण देते हुये बताया कि वह जब ग्राम मे शुष्क शौचालय परिवारो से बात करे तो अपना व्यवहार पूरी तरह उन्ही के परिवार गॉव एवं अपने व्यक्ति जैसा प्रस्तुत करे तदउपरान्त शुष्क शौचालय को समाप्त करने एवं

जलप्रवाहित शौचालय बनाने के लाभो से अवगत कराये। इस अवसर पर यूनीसेफ के श्री परीक्षित सेठ एवं शाहवेज अहमद, अब्दुल अहद जाबांज ने भी विचार व्यक्ति किये कार्यशाला का शुभारम्भ चैतना गीत राष्टीय गीत से किया।
शुभारम्भ श्री संजीव कुमार समाज कल्याण अधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला के शुभारम्भ के अवसर पर श्री संजीव कुमार ने कहा कि शुष्क शौचालयो की समस्या जनपद की वडी गम्भीर एवं घातक समस्या है क्योकि खुले में शौच करने वाला व्यक्ति गॉव से दूर जाकर मल त्याग करता है जबकि शुष्क शौचालय प्रयोग करने वाला व्यक्ति अपने घर में ही मल त्याग करता है
उसके नजदीक ही खाना बनाने एवं खाने वाला स्थान होता है जिसके लिये हमें प्राथमिकता पर शुष्क शौचालयों के स्थान पर जलप्रवाहित शौचालय बनाना प्राथमिकता है वही मैला ढोने वाले व्यक्ति का पुनर्वास करना भी उतना ही महत्वपूण
एवं आवश्यक है जिसके लिये हम सहयोग करने के लिये तैयार है जो व्यक्ति मैला उठाना बन्द करेगें यदि वह साठ वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके है
तथा बी0पी0एल0 सूची मे उनका नाम तो उन्हे प्राथमिकता पर पेंशन दी जायेगी उन्होने अनुभवों को बताते हुये कहा कि जिन स्थानो पर पानी की कमी हो वहा कम पानी वाला शौचालय सीट प्रयोग किया जाये।
जिला पंचायत राज अधिकारी आर0एस0चौधरी ने प्रतिभागियो की प्रेरण क्षमता बढाने हेतु पॉच बिन्दुओ पर विस्तर से प्रकाश डाला उन्होने कहा कि यदि प्रेरक इन 04 बिन्दुओ को अपनाते है तो उन्हे शुष्क शौचालय तुडवाकर जलप्रवाहित शौचालय बनाने म
ें
महती सफलता मिलेगी उन्होने कहा कि किससे बात करनी है कब बात करनी है क्या बात करनी है और कैसे बात करनी है जिस पर प्रतिभागियों से सहभागी प्रक्रिया के तहत विचारो एवं अनुभवों का अदान प्रदान भी किया उन्होने प्रेरको का आहवान किया कि यदि वह पूरी तन्मयता से कार्य कर अभियान में सहयोग करेगें तो जब भी किसी प्रकार समस्या आये तुरन्त सूचित करे खुद को अकेला न समझे अभियान किसी व्यक्ति या विभाग का नही सामूहिक आन्दोलन है।
जिला परियोजना समन्वयक रविशंकर शर्मा प्रेरको को प्रशिक्षण देते हुये बताया कि वह जब ग्राम मे शुष्क शौचालय परिवारो से बात करे तो अपना व्यवहार पूरी तरह उन्ही के परिवार गॉव एवं अपने व्यक्ति जैसा प्रस्तुत करे तदउपरान्त शुष्क शौचालय को समाप्त करने एवं
जलप्रवाहित शौचालय बनाने के लाभो से अवगत कराये। इस अवसर पर यूनीसेफ के श्री परीक्षित सेठ एवं शाहवेज अहमद, अब्दुल अहद जाबांज ने भी विचार व्यक्ति किये कार्यशाला का शुभारम्भ चैतना गीत राष्टीय गीत से किया।
Thursday, July 15, 2010
बदायूं
पंचायत राज विभाग के तत्वाधान सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान
के अन्तर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें शुष्क शौचालय वाले 71 ग्राम प्रधानो, ग्राम पंचायत सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारी पं0
ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का शुभारम्भ श्री चन्द्रकान्त मुख्य विकास अधिकारी बदायूं ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर मुख्य अतिथि चन्द्रकान्त मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद में शुष्क शौचालयो का निर्माण कराना हम लोगो की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामो में मौजूद शुष्क शौचालयो से घर एवं गॉव का वातावरण दूषित होता है तथा बीमारिया फैलती है। इसके लिये सभी का धर्म जाति एवं आर्थिक स्तर से उपर उठकर शुष्क शौचालयो परिवारो के जलप्रवाहित शौचालय बनवाकर स्वच्छ वातावरण देने हेतु पूरे मनोयोग से कार्य करना होगा। हम और सरकारी विभागो से जिस तरह के सहयोग की आवश्यकता पडे हम तैयार है।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्री आर0एस0चौधरी ने कहा कि जागरूकता के अभाव में शुष्क शौचालयो के कारण जनपदवासी अनजाने में मानव मल का सेवन कर रहे है यह वडी चिन्ता का विषय है जब तक जनपद में एक भी ग्राम में शुष्क शौचालयों की प्रथा रहेगी मानव मल खाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होने विश्वास दिलाया कि एक माह के अन्दर शुष्क शौचालयो का ध्वस्त कर जलप्रवाहित शौचालयो में परिवर्तित कर दिया जायेगा। उन्होने समुदाय का आहवान किया कि वह शुष्क शौचालय के ध्वस्तीकरण कर जनपद में एक स्वच्छ वातावरण प्रदान करने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करे।
यूनीसेफ लखनउ की सहायक परियोजना अधिकारी पेयजल स्वच्छता कुमारी भावना वाजपेई ने कहा कि जनपद के भ्रमण से यह बात अनुभव की गयी है कि राजगीर मस्ृियों की प्रर्याप्त उपलब्धता न होने या अप्रशिक्षित होने के कारण जहा स्वच्छ शौचालयो के निर्माण में कठिनाई आती है वही निर्मित शौचालयों का स्थायित्व प्रवाहित होता है इसके लिये शीध्र ही जनपद में राजगीर मिस्ृियो के प्रशिक्षको का प्रशिक्षण किया जायेगा जिससे गुणवत्ता पूर्ण स्वच्छ शौचालयों का निर्माण हो सके। जिला परियोजना समन्वयक श्री रविशंकर शर्मा ने कहा कि एक मानव का मल दूसरे मानव द्वारा सिर पर रखकर ले जाना अमानवीय एवं गैर कानूनी है इसे दूर करने के लिय हमे शुष्क शौचालयो का ध्वस्त कर जलप्रवाहित शौचालयो का निर्माण करना ही एक विकल्प है। जो जागरूकता के द्वारा ही सम्भव है साथ ही इस अभियान में सभी को सहयोग करने एवं अभियान को जनआन्दोलन बनाने की आवश्यकता है।
कार्यशाला में यूनीसेफ के श्री शावेज अहमद, परीक्षित सेठ स्वच्छता विशेषज्ञ यूनीसेफ सहायक विकास अधिकारी पं0 के0पी0 वर्मा उझानी, वीरपाल सिंह अम्बियापुर, श्रवणलाल बिसौली दिनेश बाबू ने भी विचार व्यक्त किये कार्यशाला में जनपद से शुष्क शौचालयों वाले सैकडो ग्राम प्रधानो, सचिवों आदि ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का संचालन सहायक विकास अधिकारी पं0 श्री शशिकान्त शमा तथा आभार अब्दुल अहद जांबाज ने व्यक्त किया
पंचायत राज विभाग के तत्वाधान सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान
के अन्तर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें शुष्क शौचालय वाले 71 ग्राम प्रधानो, ग्राम पंचायत सचिवों एवं सहायक विकास अधिकारी पं0
यूनीसेफ लखनउ की सहायक परियोजना अधिकारी पेयजल स्वच्छता कुमारी भावना वाजपेई ने कहा कि जनपद के भ्रमण से यह बात अनुभव की गयी है कि राजगीर मस्ृियों की प्रर्याप्त उपलब्धता न होने या अप्रशिक्षित होने के कारण जहा स्वच्छ शौचालयो के निर्माण में कठिनाई आती है वही निर्मित शौचालयों का स्थायित्व प्रवाहित होता है इसके लिये शीध्र ही जनपद में राजगीर मिस्ृियो के प्रशिक्षको का प्रशिक्षण किया जायेगा जिससे गुणवत्ता पूर्ण स्वच्छ शौचालयों का निर्माण हो सके। जिला परियोजना समन्वयक श्री रविशंकर शर्मा ने कहा कि एक मानव का मल दूसरे मानव द्वारा सिर पर रखकर ले जाना अमानवीय एवं गैर कानूनी है इसे दूर करने के लिय हमे शुष्क शौचालयो का ध्वस्त कर जलप्रवाहित शौचालयो का निर्माण करना ही एक विकल्प है। जो जागरूकता के द्वारा ही सम्भव है साथ ही इस अभियान में सभी को सहयोग करने एवं अभियान को जनआन्दोलन बनाने की आवश्यकता है।
Wednesday, July 14, 2010
उरैना
12 जुलाई 2010 जिलाधिकारी बदायूं के सर्वोच्च प्राथमिकता के कार्यक्रम शुष्क शौचालय उन्मूलन के अन्तर्गत चयनित ग्राम उरैना विकास खण्ड वजीरगंज
में स्वच्छता गोश्ठी का आयोजन खण्ड विकास अधिकारी भीम जी उपाध्याय की अध्यक्षता में किया गया खण्ड विकास अधिकारी द्वारा
बताया गया कि शुष्क शौचालय समाज की वह कुरीती है जिसे मिटाकर ही सर्वसमाज की परिकल्पना को पूरा किया जा सकता है संचालन कर रहे स0वि0अ0 पं0 शशिकान्त शर्मा द्वारा शुष्क शौचालय के प्रयोग से होने वाली बीमारियों व मैला ढोने से होने वाले समाजिक पतन पर प्रकाश डाला गया गोश्ठी में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा 20 लाभार्थियों को शौचालय बनाने हेतु एक हजार रू0 अनुदान के चैक उपलब्ध कराये गये तथा मेला ढोने वाली महिला राजवती पत्नी सियाराम को बी0पी0एल0 का कार्ड दिया
गया ग्राम में स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत सफाई कर्मियों द्वारा सफाई का कार्य किया गया सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राम सक्सेना व सा0वि0अ0 मंगली राम द्वारा अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी सचिव सतीशचन्द्र मिश्रा व प्रधान रुफत अली द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए दस दिन में समस्त शुष्क शौचालय को जलबन्ध शौचालय में परिवर्तित करने का अश्वासन दिया गया।
Friday, July 9, 2010
दिनांक-7 जुलाई 2010
दिनांक 7-7-10 को जिलाधिकारी अमित गुप्ता अपने नियत कार्यक्रम के अनुसार 12 बजे विकास खण्ड कादरचौक के ग्राम पंचायत रमजानपुर पहुचे। सवसे पहले उन्होने ग्राम का भ्रमण किया। ग्राम मे निर्मित कराये जा रहे स्वच्छ शौचालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होने पाया कि ग्राम मे काफी संख्या मे शुष्क शौचालय है। शुष्क शौचालयों के निकास आम रास्तों की तरफ देखकर जिलाधिकारी काफी रूष्ट हुए उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी को मौके पर निर्देशित किया कि ग्राम मे प्रयोग किये जा रहे शुष्क शौचालयों को तत्काल जल प्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित कर दिया जाय। मौके उपस्थित जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि
30 जून से शुष्क शौचालयों के जलप्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित करने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। 7 जुलाई तक 8 शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों मे बदला जा चुका है तथा 50 शौचालयों पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है। 150 से अधिक शौचालयों के गढढे खोदे जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने शौचालय निर्माण की प्रक्रिया की गहराई से जानकारी प्राप्त की उन्होने ग्रामवासियों से भी बात की और लोगों से पूछा कि इस अभियान से उन्हे क्या लगता है क्या उन्हे लगता है कि इससे उन्हे कोई लाभ होगा तो लाभार्थियो ने कहा कि इस अभियान से उनके गांव का कायाकल्प हो जायेगा। एक लाभार्थी ने कहा कि वह विगत दो वर्षो से शौचालय की मांग कर रहे थे लेकिन कोई उनकी सुनवाई नही हो रही थी लेकिन आज अधिकारी उनके घर आकर पैसा दिये है।
इस पर जिलाधिकारी महोदय ने सन्तोष व्यक्त किया।
विगत कई दिनों से विकास खण्ड के 60 से अधिक सफाई कर्मियों को लगाकर गांव की सफाई कराई गई थी लेकिन गांव बडा होने के कारण पूरे गांव की सफाई नही कराई जा सकी थी जिस कारण ग्रामवासियों मे रोष व्याप्त था। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि शीघ्र पूरे गांव को साफ करायें।
ग्राम भ्रमण के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय के परिसर मे एक स्वच्छता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने लोगों का अहवान किया कि ऐसे घर जिनमे शुष्क शौचालय है व
े तत्काल शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित करा लें। उन्होने लोगो का अहवान किया कि कोई भी कार्य विना जन सहयोग के नही किया जा सकता है। इसलिये ग्राम वासी इस कार्य मे प्रशासन का सहयोग करे। प्रशासन उनके सहयोग के लिये हमेशा तत्पर है। उन्होने लोगो से कहा कि एक सप्ताह के भीतर 200 से शौचालयों पर कार्य प्रारम्भ किया जाना केवल लोगों के सहयोग से ही सम्भव हुआ है। उन्होने लोगो का अहवान किया कि आप लोग हनुमान के रोल मे आ जाये प्रशासन जामवन्त की भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर कुछ लोगो ने शौचालय निर्माण के लिये दी जाने वाल धनराशि के कम होने का प्रश्न उठाया इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह धनराशि उन्हे प्रोत्साहन स्वरूप दी जा रही है
लोगो का दायित्व है कि वे लोग कुछ पैसे अपने पास से भी लगायें क्योकि इस का लाभ उन्हे मिलना है। उन्होने लोगों को अवगत कराया कि सिर पर मैला ढुलाना माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के क्रम मे अपराध है इसलिये जितने लोग शुष्क शौचालयों का प्रयोग कर रहे है वे तत्काल उन्हे जलप्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित करा ले। यदि उनके द्वारा ऐसा नही किया जाता है तो विवश होकर उनके खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही अमल मे लानी पडेगी। इस अवसर पर गांव के एक युवक श्री नफीस ने जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया कि वे सफाई कर्मी जो इन शुष्क शौचालयों मे कार्यरत है को इस बात का डर ह
ै कि यदि सभी शुष्क शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों मे परिवर्तित कर दिया जायेगा तो उनके जीविका का साधन खत्म हो जायेगा। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि इस पेशे को जीविका के साधन के रूप मे नही लिया जा सकता है फिर भी अगर ये लोग यह महसूस करते है कि इन शौचालयो के निर्माण्ा हो जाने से इनके जीविका का साधन खत्म हो जायेगा तो इनके लिये पात्रता के आधार पर जिन लोगो को पेशन दिया जा सकता है उन्हे पेशन का लाभ दिया जायेगा। और जो लोग अन्त्योदय या वी0पी0एल0कार्ड के पात्र है उन्हे वी0पी0एल0 कार्ड दिया जायेगा।
गोष्ठी के दौरान जब जिला
पंचायत राज अधिकारी ने लोगों से पूछा कि क्या उन्होने कभी आदमी का मल खाया है तो सभी लोग हतप्रभ रह गये लेकिन जब उन्होने इस बात को सिद्ध कर दिया कि न केवल वे लोग मानव मल खाये है बल्कि रोज आदमी का मल खा रहे है। जब जिला पंचायत राज अधिकारी ने लोगों से पूछा कि क्या यह खाने खिलाने का अभियान जारी रखा जाय तो सभी ने एक स्वर से कहा कि इसे खत्म किया जाना चाहिए। इस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने लोगों से पूछा कि यह कैसे किया जा सकता है तो सभी ने कहा कि स्वच्छ शौचालयो के निर्माण से ऐसा किया जा सकता है। अन्त मे सभी ने एक स्वर से स्वच्छ शौचालयो के निर्माण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रदीप कुमार सोम; प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी आर0एन0 हरित;अधिशासी अभियन्ता जल
निगम श्री डी0पी0सिंह; श्री महेश कुमार जिला परियोजना अधिकारी परिवार कल्याण ने गोष्ठी को सम्बोधित किया। अन्त मे खण्ड विकास अधिकारी श्री रनवीर सिंह से यभी का आभार व्यक्त किया।
विगत कई दिनों से विकास खण्ड के 60 से अधिक सफाई कर्मियों को लगाकर गांव की सफाई कराई गई थी लेकिन गांव बडा होने के कारण पूरे गांव की सफाई नही कराई जा सकी थी जिस कारण ग्रामवासियों मे रोष व्याप्त था। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि शीघ्र पूरे गांव को साफ करायें।
ग्राम भ्रमण के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय के परिसर मे एक स्वच्छता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने लोगों का अहवान किया कि ऐसे घर जिनमे शुष्क शौचालय है व
गोष्ठी के दौरान जब जिला
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रदीप कुमार सोम; प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी आर0एन0 हरित;अधिशासी अभियन्ता जल
Monday, June 7, 2010
हम होंगे कामयाब
दिनांक 13 जनवरी2010
को जिला पंचायत राज अधिकारी ग्राम पंचायत भरकुईयां विकास खण्ड उझानी गये। ग्रामवासियों से वार्ता के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी ने लोगो का आहवान किया कि सभी लोग अपने घर मे शौचालयों का निर्माण कराये। अभियान प्रारम्भ करने से पूर्व गांव मे 113 कमाउ शौचालय थे। अभियान शुरू होने के बाद सभी कमाउ शौचालयों को जल प्रवाहित शौचालयों मे बदल दिया
गया है। ग्राम प्रधान एवं ग्रामवासियों के सहयोग से गांव के घर घर मे स्वच्छ शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है। ग्राम प्रधान लगातार गांव मे महिलाओं;ग्रामवासियों और अन्य महत्वपूर्ण लोगों से
सम्पर्क कर रही है। उन्होने महिलाओं का आहवान किया कि वे अपने बच्चों को स्वच्छ रखें। जनपद स्तर से जिला परियोजना समन्वयक रविशंकर ने भी लोगों को स्वच्छता के सम्बन्ध जानकारी दी।
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